Skip to main content

इल्तुतमिश

इल्तुतमिश


इल्तुतमिश दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक था।यह प्रथम ऐसा शासक था जिसने अपनी राजधानी लाहौर की जगह दिल्ली को बनाया।

इल्तुतमिश कौन था?

इल्तुतमिश का अर्थ है "साम्राज्य का स्वामी" यह एक इलबरी जनजाति का तुर्क था। इसके भाइयों ने इसे बुखारा के बाजार में लाकर बेंच दिया था।वहाँ पर इसे एक व्यापारी जिसका नाम जमालुद्दीन मुहम्मद चुस्त कबा था खरीद लिया।और कुछ दिनों बाद दिल्ली ले जाकर इसको कुतुबुद्दीन ऐबक को बेंच दिया।
इल्तुतमिश को गुलामों का गुलाम भी कहा गया है, क्योंकि इसे खरीदने वाला भी एक गुलाम ही था। कुतुबुद्दीन ऐबक स्वयं एक गुलाम ही था। ऐबक मुहम्मद गोरी का गुलाम था। 
इल्तुतमिश बहुत जल्द ही ऐबक का विश्वासपात्र बन गया, इसलिये ऐबक ने उसे सरजानदार (शाही अंगरक्षकों का सरदार) नियुक्त कर दिया। इलतुतमिश की प्रशासनिक क्षमता बहुत ही अच्छी थी जिससे प्रभावित होकर कुतुबुद्दीन ऐबक ने उसे अमीर-ए-शिकार का पद दे दिया।
1205 ई० में कुतुबुद्दीन ऐबक  ने इल्तुतमिश को दासता से मुक्त कर दिया और उसे बदायूं का सूबेदार नियुक्त कर दिया।ऐबक ने अपनी एक पुत्री का विवाह इल्तुतमिश से कर दिया।
वास्तव में भारत में तुर्की शासन का शुभारंभ इल्तुतमिश ने ही किया था।
इसने ऐबक द्वारा शुरू कराये गए कुतुबमीनार का निर्माण
कार्य पूरा कराया।अपने राज्य को सुदृढ और स्थिर बनाया।
कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु के बाद दिल्ली के अमीरों ने इसे दिल्ली
के सिंघासन पर बैठने का निमंत्रण दिया।यह बदायूं से दिल्ली आ गया और आरामशाह( जिसे लाहौर के कुछ अमीरों ने जल्दबाजी में शासक बना दिया था) उसे युद्ध में पराजित कर दिल्ली के सिंघासन पर बैठता है।

नययप्रिय शासक

इल्तुतमिश के बारे में कहा जाता है कि वह बहुत ही न्यायप्रिय शासक था। उसने अपने महल के सामने संगमरमर की दो शेरों की मूर्तियां
बनवाई थी, जिनके गले में घंटिया लटकी हुई थी।जिनको बजाकर कोई भी व्यक्ति न्याय मांग सकता था। इसके शासनकाल में न्याय चाहने वाला व्यक्ति लाल रंग के वस्त्र धारण करता था।

इल्तुतमिश

इल्तुतमिश ने इक्ता व्यवस्था शुरू की थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत सभी सैनिकों व गैर-सैनिक अधिकारियों को नकद वेतन के बदले भूमि दी जाती थी। इक्ता एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ होता है"भूमि"।
इल्तुतमिश ने चांदी के " टका" तथा तांबे के "जीतल" का प्रचलन किया।
वह दिल्ली का प्रथम शासक था जिसने "सुल्तान" उपाधि धारण कर स्वतंत्र सल्तनत को स्थापित किया।
उसने बगदाद के खलीफा (अल-मुन्त सिर बिल्ला) से मान्यता प्राप्त की और ऐसा करने वाला वह प्रथम मुस्लिम शासक बना।
इल्तुतमिश को भारत में "गुम्बद निर्माण का पिता" कहा जाता है।उसने "सुल्तानगढ़ी मकबरा" अपने पुत्र नसीरुद्दीन महमूद की कब्र पर बनवाया था।यह भारत का प्रथम मकबरा था।

इल्तुतमिश की मृत्यु

इल्तुतमिश की मृत्यु 30 अप्रैल, 1236 ई० को होती है।

Comments

Popular posts from this blog

Haldi ke anokhe gun,हल्दी के अनोखे गुण

हल्दी के अनोखे गुण हल्दी में बहुत तरह के ऐसे गुण होते है जो हमारे स्वास्थ्य और स्किन पर बहुत ही असरदार प्रभाव डालते हैं।
हल्दी को प्राचीन समय से ही सौंदर्य तथा स्वास्थ्य के संदर्भ में बहुत ही गुणकारी तथा उपयुक्त माना जाता रहा है।हल्दी का प्रयोग शुभ कार्य में सबसे पहले किया जाताहै।।इसे बहुत ही शुभ माना जाता है।पूजन पाठ से लेकर विवाह आदि में इसका प्रयोग अवश्य किया जाता है। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि हल्दी की कितनी उपयोगिता है हमारे समाज में।
यह कई तरह से हमारे लिए उपयोगी होती है, आइये इस पर चर्चा करते हैं।
हल्दी किस तरह से हमारे सौंदर्य को बढ़ाता है ,इसे जानते हैं-----●हल्दी में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, मिनरल्स, कॉर्बोहाइड्रेट आदि तरह के तत्व पाए जाते हैं जो हमारे स्किन को ग्लोइंग बनाते हैं तथा रंग भी निखारने का काम करती है।
हल्दी में curcumin नाम का एक तत्व पाया जाता है।
●हल्दी डायबिटीज की दुष्प्रभाव को भी नियन्त्रित करती है।
इसमें पाया जाने वाला यौगिक curcumin ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।हल्दी डायबिटीज से जुड़ी लीवर की बीमारियों को भी खत्म करता है।
●एक रिसर्च के मुताबिक हल्…

ऐलोवेरा के अदभुत गुण

एलोवेरा के अदभुत गुण👌 एलोवेरा एक ऐसा पौधा है जिसे औषधि पौधा कहा जाता है। इसमें जबरदस्त प्राकृतिक गुण होते हैं।यह हर एक जगह बड़ी आसानी से मिल जाता है।इसमें सबसे अच्छी बात यह होती है कि इसका कोई दुष्प्रभाव नही होता है। यह खाने, पीने और शरीर, तथा बालों में भी यूज होता है। आइये हम एलोवेरा के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं- एलोवेरा को धृतकुमारी भी कहा जाता है। यह शरीर में होने वाले विकारों को दूर करने में बहुत सक्षम होता है। यह इंटर्नल और एक्सटर्नल दोनों तरह से काम मे आता है।
एलोवेरा हमारे स्किन के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।नियमित रूप से एलोवेरा का प्रयोग करके हम अपने स्किन को गोरा और चमकदार बना सकते हैं।आइये जानते हैं कि हम इसका प्रयोग चेहरे के ग्लो के लिए कैसे करें?
सबसे पहले एलोवेरा को एक जेल के रूप में चेहरे और गले में अप्लाई करें इससे आपके चेहरे पर निखार आएगा।
एलोवेरा का प्रयोग हम फेस पैक के रूप में भी कर सकते हैं।
दो चम्मच बेसन में एलोवेरा का जेल मिला लें उसमें एक चम्मच दही, एक चुटकी हल्दी, 1/2 चम्मच शहद,1/2 चम्मच नींबू का रस मिला कर पेस्ट तैयार कर लें फिर इसे अपने …

Naariyal tel ke fayde ,स्किन और बालों का अमृत है नारियल तेल

नारियल तेल के फायदे■■■ नारियल तेल का प्रयोग हर घर में होता है,लेकिन इसके क्या क्या फायदे हैं ये कम लोगों को ही पता होगा। आजकल के ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के आगे लोग नेचरल प्रॉडक्ट को इग्नोर करने लगे हैं लेकिन नेचरल प्रोडक्ट के बहुत ही असरदार परिणाम होते हैं जिसे आज हम आपको बताएंगे जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे।
नारियल तेल हमारी त्वचा, बाल के लिए एक वरदान है।नारियल तेल में कुछ विशेष प्रकार के तत्व होते हैं जो हमारी स्किन को मॉस्चराइजर प्रदान करता है और डेड सेल्स को रिमूव करके उसे नया ग्लो देता है। हफ्ते में एक दिन नारियल तेल से अपने फेस पर हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए। कम से कम 5 मिनेट का मसाज देना चाहिए इसके बाद फेस को हल्के गुनगुने पानी से धो लें धोने के बाद फ़र्क़ आपको खुद नजर आएगा। जिनके फेस में मुहांसे और ब्लैकहेड्स की समस्या ज्यादा होती है उन्हें नारियल के तेल में कुछ बून्द टी ट्री ऑइल की मिला कर रात में सोने से पहले हल्के हाथ से मसाज करके रात भर के लिए फेस पर लगा रहने दें, और सुबह गुनगुने पानी से फेस को अच्छे से धो लें। ऐसा हफ्ते में तीन दिन तो जरूर ही करें।
नारियल तेल स्किन के साथ ही साथ ब…